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साथियों,
दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के लगभग 250 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ हमारा ऐतिहासिक अहिरवाल प्रदेश केवल एक भौगोलिक पहचान नहीं है, बल्कि यह हमारे पूर्वजों के त्याग, संघर्ष और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। इस भूमि ने सदियों से यादव-अहीर समाज की परंपराओं, मूल्यों और गौरवशाली इतिहास को संजोकर रखा है। हमारे पूर्वजों ने अपनी मेहनत, एकता और आत्मसम्मान से इस क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा की, जिसे आज सहेजना और आगे बढ़ाना हमारा सामूहिक दायित्व है।
अहिरवाल प्रदेश की पहचान हमारी लोकसंस्कृति, भाषा, परंपरागत रीति-रिवाज, लोकगीत, वीरता की कथाएँ और सामाजिक समरसता से बनी है। यह वही धरती है जिसने दादा किशन जैसे वीर सपूतों को जन्म दिया, जिनकी वीरता और बलिदान आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। “जय दादा किशन की” का उद्घोष केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारे स्वाभिमान, साहस और संघर्षशील चेतना का प्रतीक है।
आज के बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में अहिरवाल प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक अस्मिता को सुदृढ़ करने के लिए संगठित प्रयास की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य को लेकर “अहीरवाल संघर्ष मोर्चा (ASM)” का गठन एक सामूहिक संकल्प के रूप में किया गया है। यह मोर्चा केवल किसी संगठन का नाम नहीं, बल्कि एक विचार, एक आंदोलन और एक साझा संघर्ष है, जिसमें समाज के प्रत्येक जागरूक साथी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अहीरवाल संघर्ष मोर्चा का उद्देश्य अहिरवाल प्रदेश की वैधानिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को स्थापित करना, क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आवाज उठाना तथा नई पीढ़ी को अपने इतिहास और गौरव से परिचित कराना है। शिक्षा, सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण—ये सभी हमारे आंदोलन के प्रमुख स्तंभ हैं। जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक हमारे अधिकार और हमारी पहचान सुरक्षित नहीं रह सकती।
साथियों, यह समय निष्क्रिय रहने का नहीं, बल्कि एकजुट होकर आगे बढ़ने का है। हमें जाति, क्षेत्र या व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और अहिरवाल प्रदेश के व्यापक हित के लिए कार्य करना होगा। हमारा यह संघर्ष शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संविधानसम्मत है, लेकिन संकल्प में अडिग और उद्देश्य में स्पष्ट है।
आइए, हम सब मिलकर अहीरवाल संघर्ष मोर्चा को और अधिक सशक्त बनाएं, अपने पूर्वजों के सपनों को साकार करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सम्मानपूर्ण पहचान सुनिश्चित करें।
जय यादव।
जय माधव











